नई दिल्ली. कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में लेडी डॉक्टर के रेप और मर्डर केस के मामले की सुनवाई इस वक्त सुप्रीम कोर्ट में हो रही है. इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस (CJI) डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ कर रही है. इस सुनवाई के दौरान जस्टिस पारदीवाला ने पश्चिम बंगाल राज्य सरकार के वकील कपिल सिब्बल से पूछा की इस केस की GD में लेडी डॉक्टर की UD कब दर्ज की गई और बिना यूडी के पोस्टमार्टम कैसे किया गया. जस्टिस पारदीवाला ने पश्चिम बंगाल सरकार से पोस्टमार्टम की समयसीमा और अपराध को अप्राकृतिक मौत (यूडी) के रूप में दर्ज करने के बारे में लगातार सवाल पूछे.
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि ‘अगर यह अप्राकृतिक मौत (Unnatural Death) का मामला नहीं है, तो इसे पोस्टमार्टम के लिए क्यों ले जाया गया. पोस्टमार्टम 18:10 बजे शुरू होता है और 19:10 बजे खत्म होता है, 23:30 बजे यूडी (अप्राकृतिक मौत का मामला) दर्ज करने का क्या मतलब था. यूडी केस थाला पुलिस स्टेशन में 23:30 बजे दर्ज किया गया और एफआईआर 23:40 बजे दर्ज की गई. यह बहुत ही आश्चर्यजनक है कि यूडी दर्ज करने से पहले पोस्टमार्टम किया गया. अगर यह सच है तो कुछ खतरनाक है.’
क्या होती है जीडी
पुलिस विभाग में कई ऐसे शब्द हैं, जिनका इस्तेमाल पुलिस रोजाना करती है. ऐसा ही एक शब्द जीडी है. जीडी का मतलब जनरल डायरी होता है. इसे आम बोलचाल की भाषा में पुलिस का रोजनामचा भी कहा जाता है. पुलिस एक्ट 1861 की धारा 44 में इसकी परिभाषा दी गई है. जनरल डायरी पुलिस थाने का ऐसा दस्तावेज होता है, जिसमें थाने और थाना के प्रभारी की हर कार्रवाई का ब्योरा लिखा जाता है.
क्या होता है यूडी
किसी भी संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस अप्राकृतिक मौत (Unnatural Death) की एंट्री करती है. इसके बाद पुलिस उस अप्राकृतिक मौत के असली कारण का पता लगाने के लिए पोस्ट मार्टम कराती है. क्राइम का खुलासा करने के लिए पुलिस क्राइम सीन आदि का सीमांकन करती है. क्राइम सीन की जांच के बाद पुलिस अपनी रिपोर्ट में वारदात की वजहों को तलाशने की कोशिश करती है. जब किसी शव का पोस्टमार्टम होता है, तो इसका मतलब है कि यह अप्राकृतिक मौत का मामला है.





